Colloquial Bengali
12,103円 Colloquial Bengali provides a step-by-step course in Bengali as it is written and spoken today. Combining a user-friendly approach with a thorough treatment of the language, it equips learners with the essential skills needed to communicate confidently and effectively in Bengali in a broad range ...
Kamana Aur Vasna Ki Maryada (Hindi Self-h...
297円 कामना एवं वासना को साधारणतया बुरे अर्थों में लिया जाता है और इन्हें त्याज्य माना जाता है। किंतु यह ध्यान रखने योग्य बात है कि इनका विकृत रूप ही त्याज्य है। अपने शुद्ध स्वरूप में मनुष्य की कोई भी वृत्ति निंदनीय नहीं है, वरन एक प्रकार से आवश्यक और उपयोगी मानी जाती है। जीवन रक्षा और जीवन विकास के लि...
Apne Apne Ajnabi (Hindi Novel)
662円 मृत्यु से साक्षात्कार' को विषय बनाकर मानव के जीवन और उसकी नियति का इतने कम शब्दों में मार्मिक और भव्य विवेचन इस उपन्यास की गरिमा का मूल है। मृत्यु को सामने पाकर जैसे प्रियजन भी अजनबी हो जाते हैं और अजनबी बहचाने हुये। इस चरम स्थिति में मानव का सच्चा चरित्र उभरकर आता है - उसका प्रत्यय, उसका अदम्य स...
Akbar Birbal (Hindi Stories)
662円 बादशाह अकबर के दरबार के रत्न बीरबल अत्यधिक व्यवहार-कुशल ईमानदार और विवेकबुद्धि से संपन्न इंसान थे, अपनी बुद्धि के बल पर उन्होंने अकबर बादशाह के दरबार में महत्त्वपूर्ण स्थान प्राप्त किया। उनके ज्ञान और प्राप्त सम्मान के कारण अन्य दरबारी उनसे ईर्ष्या करते थे और अनेक बार उन्हें नीचा भी दिखाने का प्र...
Isha Masih Ki Vani (Hindi Wisdom-bites)
164円 वे आत्मास्वरूप थे! वे जानते थे कि वे शुद्ध आत्मास्वरूप हैं - देह में अवस्थित हो मानवजाति के कल्याण के लिए देह का परिचालन मात्र कर रहे हैं। देह के साथ उनका केवल इतना ही सम्पर्क था। वे वास्तव में विदेह, शुद्ध-बुद्ध-मुक्त आत्मास्वरूप थे। यही नहीं, उन्होंने अपनी अद्भुत दिव्य दृष्टि से जान लिया था कि ...
Hariye Na Himmat (Hindi Self-help)
164円 प्रस्तुत पुस्तक में आचार्य श्रीराम शर्मा जी ने लोगों को जीवन की कठिन परिस्थितियों में किस प्रकार के आचार-विचार की आवश्यकता है, इसे एक माह की डायरी के रूप में बताया है। इसे पढ़ कर सभी व्यक्ति लाभान्वित होंगे।
Nadi Ke Dweep (Hindi Novel)
662円 नदी के द्वीप' व्यक्ति-चरित्र का उपन्यास है। इस से इतर कुछ वह क्यों नहीं है, इसका मैं क्या उत्तर दूँ? और दूँ ही, तो वह मान्य ही होगा ऐसा कोई आश्वासन तो नहीं है। व्यक्ति अपने सामाजिक संस्कारों का पुंज भी है, प्रतिबिम्ब भी, पुतला भी; इसी तरह वह अपनी जैविक परम्पराओं का भी प्रतिबिम्ब और पुतला है-'जैवि...
Mulla Nasiruddin Ke Karname (Hindi Stories)
662円 मुल्ला नसीरूद्दीन न केवल हँसोड़ थे, बल्कि वह अच्छे हकीम भी थे और सामान्य लोगों के सुख-दुःख में सदा भागीदार भी बनते थे, इसलिए वह अत्यन्त लोकप्रिय हुये। ऐसे समझदार आदमी ने अपनी सवारी को चुना था, एक गधा। वह अपने गधे को प्यार भी खूब करता था और गधा भी इतना समझदार था कि मुल्ला के हर इशारे को भाँप लेता थ...
Santulit Jivan Ke Sutra (Hindi Self-help)
297円 आज का मानव अत्यंत संत्रस्त जीवन जी रहा है अनेकानेक सुख-सुविधाओं के होते हुए भी मन में अनिष्ट के प्रति एक भय बना रहता है? जीवन की अधिकांश समस्याओं की जननी हमारी दुर्बुद्धि है। ऋषियों-मनीषियों की विचारधारा ही इनका समाधान प्रस्तुत करती है। इन उत्कृष्ट विचारों के सतत सान्निध्य में रहने हेतु स्वाध्याय...
Bhagwan Sriram-Satya Ya Kalpana (Hindi Rl...
297円 आज के युग का मानव एवं समाज उत्तरोत्तर दिग्मूढ़ होकर मूल्यहीनता के गम्भीर गर्त में गिरता जा रहा है। 'स्वार्थ' का दानव अपना विकराल मुँह फैलाए - मनुष्य की सुख-शांति को निगलता जा रहा है। हम पाश्चात्य देशों की भौतिक उन्नति-समृद्धि की चकाचौंध से प्रभावित होकर भोगवादी संस्कृति में अपनी अनुरक्ति बढा रहे ह...
Ajeya Karna (hindi epic)
662円 जब महाभारत कभी उत्कीर्ण होगा, शिलाओं पर कर्ण का गौरव खुदेगा, पीढ़ियाँ गाती रहेंगी शौर्यगाथा, कर्ण, तुम तो तुम्हीं हो, अनुपम अनन्वय। प्रस्तुत लम्बी कविता में कवि की प्रांजल मेधा का ओजस्वी रूप प्रगट हुआ है। संश्लिष्ट शब्द चित्रों द्वारा पात्र के संघर्षपूर्ण मनोगत को अनेक फलकों पर चित्रांकित करने मे...
Parashuram Samvad (Hindi Religious)
297円 आजकल रामलीला में लोगों को लक्ष्मण-परशुराम तथा अंगद-रावण संवाद अधिक रोचक प्रतीत होता है जिसमें अधिक भीड़ होती है। जिस दिन झगड़े की बात हो, तू-तू, मैं-मैं हो, उस दिन लोगों को अधिक रस की अनुभूति होती है। बहिरंग दृष्टि यही है, पर ‘रामायण’ में ये दोनों प्रसंग गम्भीर हैं। दोनों प्रसंग एक-दूसरे के पूरक ...
楽天Koboの電子書籍!マンガ、小説、雑誌のレビュー高評価、最安値をチャック!