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रांगेय राघव के कहानी-लेखन का मुख्य दौर भारतीय इतिहास की दृष्टि से बहुत हलचल-भरा, विरल कालखंड है। कम मौकों पर भारतीय जनता ने इतने स्वप्न-दुःस्वप्न, आशा-हताशा इस तरह अड़ोस-पड़ोस में खड़े देखे थेस्वतंत्रता आंदोलन, विश्वयुद्ध की सर्वव्यापी छाया, बंगाल का भीषण अकाल, भारत छोड़ो आंदोलन, भारत-पाक विभाजन,...